राष्ट्रीय वाल्मीकि सम्मेलन में उठेगी अधिकारों की आवाज, 27 सितंबर को लखनऊ में जुटेंगे प्रतिनिधि

लखनऊ,उजाला सिटी। राष्ट्रीय वाल्मीकि सम्मेलन का आयोजन लखनऊ में किया जाएगा। सम्मेलन में उत्तर प्रदेश सहित महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, दिल्ली, चंडीगढ़, राजस्थान और उत्तराखंड से प्रतिनिधि शामिल होंगे।

कार्यक्रम के आयोजक चन्दन लाल वाल्मीकि, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, वंचित शोषित सामाजिक संगठनों का अखिल भारतीय परिसंघ तथा आयोजन समिति के अध्यक्ष आकाश पुष्कर ने लखनऊ के वरिष्ठ साथियों के साथ बैठक कर सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में विभिन्न राज्यों से आने वाले प्रतिनिधियों के ठहरने, परिवहन और भोजन सहित अन्य व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।

चन्दन लाल वाल्मीकि ने बताया कि सम्मेलन का शुभारंभ जगतगुरु श्रीकृष्ण शाह विद्यार्थी महामंडलेश्वर करेंगे। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, नगर विकास राज्य मंत्री राकेश राठौर, समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना सहित विभिन्न आयोगों, सामाजिक संगठनों और ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।

सम्मेलन में वाल्मीकि समाज की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और राजनीतिक हिस्सेदारी, आरक्षण के वर्गीकरण, सफाई कर्मचारियों की नियमित भर्ती, संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं सहित कई मुद्दों पर चर्चा होगी।

इसके अलावा नगर निकायों में लंबे समय से कार्यरत संविदा सफाई कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का लाभ दिलाने, आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों की भर्ती में आठवीं पास की शैक्षिक योग्यता की शर्त समाप्त करने, सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान होने वाली मौतों की रोकथाम तथा मृतक कर्मचारियों के परिवारों के पुनर्वास की मांग उठाई जाएगी।

सम्मेलन में हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध एवं उनका पुनर्वास अधिनियम-2013 के प्रभावी अनुपालन, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम की योजनाओं का लाभ उत्तर प्रदेश में उपलब्ध कराने तथा सफाई कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ दिलाने से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होगी।

सम्मेलन की तैयारियों में चन्दन लाल, राजू प्रधान, प्रताप सिंह पापे, महेश चौधरी, चन्द्र कुमार वाल्मीकि, महेश चन्द, राकेश लखा, अखिलेश वाल्मीकि, कुंवर आयुष्मान, अमित चौधरी और मनोज हिन्दू सहित अन्य पदाधिकारी जुटे हैं।