उजाला सिटी न्यूज़
उत्तर प्रदेश
लखनऊ
06/11/2026
भाजपा को समर्थन देने के बावजूद सुरक्षा हटाए जाने पर उठाए सवाल, यूजीसी के नियम वापस लेने की मांग
लखनऊ, उजाला सिटी। विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने लखनऊ स्थित संगठन के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में आगामी कार्यक्रमों, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और विभिन्न मुद्दों पर संगठन का पक्ष रखा।
गोपाल राय ने बताया कि विश्व हिंदू रक्षा परिषद आगामी 5 दिसंबर को मथुरा के लिए प्रस्थान करेगी तथा 6 दिसंबर को श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर शौर्य दिवस मनाएगी। इस कार्यक्रम में देशभर से लगभग 10 हजार कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।
आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू रक्षा परिषद प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारेगी। संगठन कट्टर सनातनी विचारधारा से जुड़े उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए आगामी दिनों में आवश्यक रणनीति तैयार की जाएगी।
प्रेस वार्ता में गोपाल राय ने अपनी सुरक्षा हटाए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि उन्हें पिछले लगभग 20 वर्षों से सुरक्षा प्राप्त थी। समाजवादी पार्टी की सरकार के कार्यकाल में भी उन्हें सुरक्षा दी गई थी, जबकि उस समय उन्होंने सपा को समर्थन नहीं दिया था। उन्होंने बताया कि भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के कहने पर उन्होंने कई अन्य दलों के साथ बिना शर्त भाजपा को समर्थन दिया था। इसके लगभग एक महीने बाद उनके दोनों सुरक्षा कर्मियों को हटा दिया गया।
उन्होंने सवाल उठाया कि वर्ष 2019 में भाजपा को समर्थन देने के बावजूद उनकी सुरक्षा क्यों समाप्त कर दी गई? गोपाल राय ने कहा कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिलती रही हैं और वर्तमान में भी उन्हें गंभीर खतरा बना हुआ है।
इस दौरान बिजनौर जिले के थाना मंडावर क्षेत्र के ग्राम मोहिउद्दीनपुर निवासी मोहम्मद दिलशाद और उनके परिवार की सनातन धर्म में घर वापसी का मामला भी सामने आया। संगठन के केंद्रीय कार्यालय में गोपाल राय के नेतृत्व में सनातन विधि-विधान से यह कार्यक्रम संपन्न कराया गया। इसमें दिलशाद ने राजीव शर्मा, उनकी पत्नी रेहाना ने ऋतु और बेटी खुशी ने अनन्या नाम अपनाया। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इसके अतिरिक्त गोपाल राय ने केंद्र सरकार से यूजीसी के विवादित नियमों को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को इन नियमों पर पुनर्विचार करना चाहिए और इन्हें पूरी तरह वापस लेना चाहिए। उन्होंने यूजीसी के नियमों को लेकर अपनी आपत्ति जताते हुए सरकार से इन्हें रोल बैक करने की अपील की।