लखनऊ में होगा ELECRAMA 2027 का प्रीव्यू, इलेक्ट्रिकल और पावर सेक्टर के उद्योग प्रतिनिधि होंगे शामिल

 

इतिशा /उजाला सिटी

लखनऊ,। इंडियन इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (IEEMA) की ओर से लखनऊ में ELECRAMA 2027 का प्रीव्यू आयोजित किया जाएगा। इसमें इलेक्ट्रिकल और पावर सेक्टर से जुड़े उद्योग प्रतिनिधि, विशेषज्ञ और विभिन्न स्टेकहोल्डर्स शामिल होंगे। कार्यक्रम में इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी नवाचार, औद्योगिक विकास और पावर सेक्टर में उभरती संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी।

ELECRAMA 2027 का आयोजन 20 से 24 फरवरी 2027 तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में किया जाएगा। इस संस्करण की थीम 'Harnessing the Power of I' रखी गई है। आयोजकों के अनुसार, आयोजन में 1100 से अधिक कंपनियां हिस्सा लेंगी और करीब पांच लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान है। इसके साथ ही 25 हजार से अधिक बी2बी बैठकें आयोजित होंगी। 500 से अधिक आमंत्रित खरीदार और 10 से ज्यादा देशों के पवेलियन भी आयोजन का हिस्सा होंगे।

IEEMA के प्रेसिडेंट (इलेक्ट) एवं ELECRAMA 2027 के चेयरमैन हरटेक सिंह ने बताया कि ELECRAMA इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र का एक प्रमुख वैश्विक मंच है। इसके माध्यम से दुनिया भर के उद्योगों को नवाचार, तकनीकी सहयोग और व्यावसायिक अवसरों से जुड़ने का अवसर मिलता है। भारत में पावर इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और ऊर्जा परिवर्तन के दौर में यह आयोजन भारतीय उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

IEEMA उत्तरी क्षेत्र के चेयरमैन इम्तियाज सिद्दीकी ने कहा कि इलेक्ट्रिकल और पावर सेक्टर में उत्तर भारत की महत्वपूर्ण भागीदारी है। मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बढ़ते अवसरों को देखते हुए लखनऊ में आयोजित होने वाला प्रीव्यू क्षेत्रीय उद्योगों को अपनी तकनीकी क्षमताओं और व्यावसायिक संभावनाओं को प्रस्तुत करने का अवसर देगा। उन्होंने बताया कि जर्मनी पार्टनर देश के रूप में ELECRAMA 2027 में शामिल होगा, जिससे भारतीय उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ने के नए अवसर मिलेंगे।

उल्लेखनीय है कि IEEMA की स्थापना वर्ष 1948 में हुई थी। यह भारत में इलेक्ट्रिकल, इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स और संबंधित उपकरणों के निर्माताओं का संगठन है। यह बिजली उत्पादन, पारेषण एवं वितरण उपकरणों के साथ-साथ नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की पूरी वैल्यू चेन का प्रतिनिधित्व करता है।