उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में मनाई गई महर्षि वाल्मीकि एवं गणेश शंकर विद्यार्थी की जयंती

लखनऊ, उजाला सिटी।आदि कवि महर्षि वाल्मीकि एवं महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, प्रखर विचारक और निर्भीक पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी की जयंती आज उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय, नेहरू भवन, लखनऊ में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ की अध्यक्षता में मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत महर्षि वाल्मीकि एवं गणेश शंकर विद्यार्थी के चित्रों पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।

इस अवसर पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण जैसे महान ग्रंथ की रचना कर भारतीय संस्कृति को समृद्ध किया। उनका जीवन और साहित्य समाज को समानता, सद्भाव, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश देता है। संत और महापुरुष किसी एक वर्ग के नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के मार्गदर्शक होते हैं।

गणेश शंकर विद्यार्थी के योगदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि विद्यार्थी न केवल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानी थे, बल्कि निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारिता के अमर स्तंभ भी थे। उन्होंने अपने समाचार पत्र ‘प्रताप’ के माध्यम से ब्रिटिश हुकूमत के अत्याचारों के खिलाफ आवाज बुलंद की और किसानों-मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई लड़ी। कानपुर के सांप्रदायिक दंगों के दौरान मानवता और आपसी सौहार्द की रक्षा करते हुए उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दे दी। आज के दौर में, जब देश को बांटने वाली ताकतें सक्रिय हैं, विद्यार्थी का सांप्रदायिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता का संदेश और भी प्रासंगिक हो जाता है।

कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं ने देश की आजादी और कांग्रेस के आंदोलनों में गणेश शंकर विद्यार्थी के ऐतिहासिक योगदान को याद किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे महर्षि वाल्मीकि के सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएंगे और गणेश शंकर विद्यार्थी की तरह अन्याय के खिलाफ निर्भीक होकर संघर्ष करते रहेंगे।

कार्यक्रम में सांसद तनुज पुनिया, द्विजेन्द्र त्रिपाठी, प्रो. विनोद चन्द्रा, एच.एल. दुसाध, सिद्धिश्री, ओंकारनाथ सिंह, प्रमोद सिंह, आसिफ रिजवी रिंकू, पुष्पेन्द्र श्रीवास्तव, संजय शर्मा, शैलेन्द्र तिवारी, अखिलेश शुक्ला, जी.के. दुबे, बृजेश सिंह, सुनीता रावत, रिचा कौशिक सहित अन्य नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।