उजाला सिटी न्यूज़
उत्तर प्रदेश
लखनऊ
29/09/2026
लखनऊ उजाला सिटी। वैज्ञानिक नवाचार, युवा प्रतिभाओं और समाजोपयोगी अनुसंधान के संकल्प के साथ वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) का 85वां स्थापना दिवस आज सीएसआईआर-भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-आईआईटीआर), लखनऊ में मनाया गया। कार्यक्रम में विज्ञान और प्रौद्योगिकी को समाज की आवश्यकताओं से जोड़ने तथा अनुसंधान को जनहित में प्रभावी रूप से पहुंचाने की प्रतिबद्धता प्रमुखता से सामने आई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विमटा लैब्स लिमिटेड, हैदराबाद के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. एस.पी. वासिरेड्डी रहे। अध्यक्षता सीएसआईआर-आईआईटीआर के निदेशक डॉ. भास्कर नारायण ने की।
कार्यक्रम के प्रारंभ में आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं वैज्ञानिक जी डॉ. रजनीश चतुर्वेदी ने वैज्ञानिक समुदाय का आह्वान करते हुए कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान को समाज की वास्तविक चुनौतियों से जोड़ते हुए “समाज के लिए वैज्ञानिक समाधान” खोजने की दिशा में निरंतर कार्य किया जाना चाहिए। मुख्य अतिथि का परिचय वैज्ञानिक जी डॉ. के.सी. खुल्बे ने दिया।
अपने संबोधन में डॉ. वासिरेड्डी ने कहा कि सफल विज्ञान केवल व्यावसायिक मूल्य ही नहीं, बल्कि सामाजिक मूल्य भी पैदा करे और वैज्ञानिक अपने नवाचारों के केंद्र में लोगों की जरूरतों को रखें। उन्होंने कहा कि शोध को प्रकाशनों तक सीमित रखने के बजाय सहयोग, तकनीक के विस्तार, विनिर्माण क्षमता और बड़े पैमाने पर उपयोग तक ले जाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सिंथेटिक बायोलॉजी और उन्नत कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्र आने वाले दशक में काम करने के तरीकों को नई दिशा देंगे। नवाचारों को प्रयोगशाला से समाज तक पहुंचाने के लिए स्टार्टअप, उद्योग और अनुसंधान संस्थानों के बीच मजबूत साझेदारी की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
मुख्य अतिथि ने संस्थान में आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें मॉडर्न स्कूल और आयुर्वेदिक कॉलेज के विद्यार्थियों ने भाग लिया। उन्होंने अपनी माता की स्मृति में फाइकस प्रजाति का पौधा रोपित किया।
कार्यक्रम में स्टार्टअप और प्रौद्योगिकी इनक्यूबेटीज के साथ समझौता ज्ञापनों (MoAs) का आदान-प्रदान भी हुआ। यह पहल अनुसंधान एवं नवाचारों को व्यावहारिक उपयोग तक पहुंचाने और संस्थान में नवाचार का मजबूत वातावरण विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सीएसआईआर-आईआईटीआर की ओर से डॉ. रचना कुमार और डॉ. के.सी. खुल्बे ने समझौता ज्ञापनों के आदान-प्रदान की प्रक्रिया पूरी की।
इस अवसर पर निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। प्रतियोगिता में सीएसआईआर-आईआईटीआर के कर्मचारियों, स्टाफ और शोधार्थियों के बच्चों ने भाग लिया। सीएसआईआर में 25 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी उनकी दीर्घकालिक सेवाओं और संस्थान में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
अध्यक्षीय संबोधन में सीएसआईआर-आईआईटीआर के निदेशक डॉ. भास्कर नारायण ने कहा कि समाज के लिए प्रासंगिक बने रहने के लिए वैज्ञानिकों में जुनून, सृजनात्मकता और निरंतर वैज्ञानिक समृद्धि की भावना बनी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा, “विज्ञान हमें दृढ़ता के साथ आगे बढ़ना सिखाता है।”
कार्यक्रम का संचालन डॉ. भूमिका रे ने किया, जबकि डॉ. रतन सिंह राय ने धन्यवाद ज्ञापित किया।