भदोही में दो दिवसीय बौद्ध महोत्सव-2025 का समापन

कथावाचक आरएल बौद्ध ने मृत्यु भोज को बताया सामाजिक कुप्रथा
 
भदोही,उजाला सिटी न्यूज़। मानव कल्याण समिति भदोही के तत्वावधान में पहली बार भदोही में आयोजित किए गए दो दिवसीय बौद्ध महोत्सव-2025 का रविवार को समापन हो गया। आदर्श बालिका विद्यालय बीरा पट्टी में आयोजित किए गए महोत्सव का दूसरे दिन भी ध्वजारोहण के पश्चात बाद बुद्ध को नमन करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
इस दौरान कथावाचक आरएल बौद्ध ने कहा महात्मा बुद्ध ने दुनिया को प्रेम, करुणा और दया का संदेश दिया। उनके रास्ते पर चलकर ही पूरे विश्व में शांति लाई जा सकती है। तथागत गौतम बुद्ध के पंचशील पालन हर व्यक्ति करता है जो पंचशील का पालन नहीं करता है उसको जेल जाना पड़ता है। जो पंचशील का पालन नहीं करेगा भारतीय संविधान के तहत वह अपराधी की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि जैसे प्रथम शील: प्राणी हिंसा से रहने की शिक्षा ग्रहण करता हूं, जो किसी की हत्या करेगा संविधान के तहत जेल जाना होगा। आरएल बौद्ध ने कहा मृत्यु भोज को  सामाजिक कुप्रथा बताया और कथा सुनाते हुए कहा कि व्यक्ति के मरने के बाद कोई श्राद्ध और क्रिया कार्यक्रम करने की आवश्यकता नहीं। वहीं राष्ट्रकवि आरएल बौद्ध व संघ प्रिया बौद्ध ने अपनी टीम के साथ तथागत गौतम बुद्ध व सम्राट अशोक महान की झांकी निकाली। साथ ही उनके विचारों और संघर्षों का नाट्य रूपांतरण सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से प्रस्तुत किया।
इस मौके पर डॉ.पन्नालाल मौर्य, प्रवेशचंद्र मौर्य, सम्राट प्रदीप मौर्य, धम्माचार्य बैजनाथ, अरविंद, विमलेश मौर्य, श्यामधर मौर्य, अमरनाथ मौर्य, विनोद गौतम, राम अधार गौतम कैलाश गौतम आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहें।