5 दिन के भीतर प्राप्त करें लंबित एफएसएल रिपोर्ट: डीएम

उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष की जिला संचालन समिति की हुई बैठक

 

रिपोर्टर - के के उपाध्याय 

 

भदोही,उजाला सिटी।डीएम शैलेश कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को डीएम कार्यालय में उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष की जिला संचालन समिति की हुई। यह योजना दुष्कर्म, एसिड अटैक, पॉक्सो एक्ट और दहेज हत्या जैसी घटनाओं की शिकार महिलाओं और बच्चियों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई है।

इस दौरान डीएम ने बताया कि इस योजना में पीड़ित महिलाओं और बच्चियों को इलाज, पुनर्वास और आत्मनिर्भरता के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना के तहत पीड़ितों को एक लाख से लेकर 10 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता मिलती है। इसका उद्देश्य उन्हें शिक्षा जारी रखने, रोजगार स्थापित करने और एक नई जिंदगी शुरू करने में मदद करना है। बैठक में कुल 77 लंबित प्रकरणों पर विचार-विमर्श किया गया। समिति ने 65 प्रकरणों में एफआईआर, चार्जशीट और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पीड़ितों को क्षतिपूर्ति की स्वीकृति प्रदान की। शेष 12 प्रकरणों में चार्जशीट और एफएसएल रिपोर्ट न होने के कारण मामलों को अगली बैठक के लिए स्थगित कर दिया गया। डीएम ने नोडल एसपी को निर्देश दिए गए कि वे 5 दिन के भीतर लंबित एफएसएल रिपोर्ट प्राप्त करें। इससे पीड़ितों को जल्द क्षतिपूर्ति दी जा सकें। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कोई भी प्रकरण अनावश्यक रूप से किसी भी स्तर पर लंबित न रहे। यदि किसी प्रकरण को अनावश्यक रूप से अधिक समय तक लंबित रखा जाता है तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी तय करते हुए उस पर सख्त कार्रवाई की जाए।

इस मौके पर एसपी अभिमन्यु मांगलिक, एडीएम कुंवर वीरेंद्र मौर्य, ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी रमेशचंद्र, सीएमओ डॉ.संतोष कुमार चक, मेडिकल अधिकारी डॉ.नीलिमा धवन, डीआईओ डॉ.पंकज कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी शत्रुध्न कन्नौजिया, महिला कल्याण विभाग के वरिष्ठ सहायक राजकुमार गुप्ता, एसआई गीता राय, हेड कांस्टेबल रक्षी व दीप शिखा आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।