उजाला सिटी न्यूज़
उत्तर प्रदेश
लखनऊ
16/03/2025
ब्रज की रसोई ने जरूरतमंदों को कराया पौष्टिक भोजन, समाजसेवा का दिया संदेश
लखनऊ उजाला सिटी न्यूज़ । प्रेम, सेवा और सद्भावना के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए, इण्डियन हेल्पलाइन सोसाइटी के संस्थापक विपिन शर्मा के नेतृत्व में ब्रज की रसोई द्वारा आशियाना क्षेत्र के चिन्हित स्थानों पर एक अनूठी पहल करते हुए समाज के अकिंचन, निर्धन, असहाय, निराश्रित और बेसहारा लोगों को नि:शुल्क पौष्टिक भोजन में इस रविवार चावल और दाल परोसे गए, जिसमें हमेशा की तरह स्वच्छता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा गया।
मीडिया प्रभारी दीपक भुटियानी नें कहा इस नेक पहल का मुख्य उद्देश्य उन लोगों तक खुशियों और राहत का संचार करना है, जो दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करते हैं। वरिष्ठ सदस्य आशीष श्रीवास्तव नें बताया ब्रज की रसोई के इस प्रयास ने समाज के गरीब, अनाथ बच्चों, बेसहारा बुजुर्गों और जरूरतमंद परिवारों को भोजन देकर मानवीय संवेदनाओं का एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है।
समाजसेवी सी. एच. तिवारी ने कहा, यह प्रयास प्रेम और मदद के रंग बांटने की एक छोटी सी कोशिश है। वहीं संस्था के विकास पाण्डेय कहते है हमारा संकल्प है कि कोई भी भूखा न सोए। गीता प्रजापति कहती है हम चाहते हैं कि हर जरूरतमंद को सम्मानपूर्वक भोजन मिले और समाज में सेवा और सहानुभूति का वातावरण बने।
अमित गुप्ता नें बताया इस अभियान में स्थानीय जनों का योगदान भी मिलता रहता है। समाज के हर वर्ग ने इस पहल की सराहना की और इसे एक सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
सामाजिक कार्यकर्ता राजीव पाण्डेय ने कहा कि ब्रज की रसोई का उद्देश्य इसे नियमित रूप से चलाने एवं आने वाले समय में और अधिक जरूरतमंद लोगों तक यह सेवा पहुंचानें का है।
शिल्पी गुप्ता ने इस पहल की जमकर प्रशंसा की और कहा कि ऐसे समाजसेवी कार्यों से इंसानियत की मिसाल कायम होती है।
संस्था के देवांश रस्तोगी ने बताया कि भोजन रिक्शा कॉलोनी, सेक्टर- एम झुग्गियों, श्रमिक बस्तियों और रतनखण्ड पानी टंकी के श्रमिकों तक लगभग 1070 जरूरतमंदों को पहुँचाया गया। इस सेवा कार्य में सी. एच. तिवारी, देवांश रस्तोगी, आशीष श्रीवास्तव, दीपक भुटियानी, अमित गुप्ता, विकास पाण्डेय, दीपांशु आनंद, निशांत सिंह, मुकेश कनौजिया, अथर्व श्रीवास्तव, गीता प्रजापति और शिल्पी गुप्ता समेत कई समाजसेवियों ने योगदान दिया। विपिन शर्मा ने सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सेवा केवल एक दिन की नहीं, बल्कि एक सतत प्रयास है ताकि कोई भी भूखा न सोए। जरूरतमंदों के चेहरों पर संतोष और कृतज्ञता साफ झलक रही थी। ब्रज की रसोई ने साबित किया कि प्रेम, सेवा और दया से बड़ा कोई रंग नहीं!