पुरस्कार वितरण के साथ संपन्न हुई राजभवन में आयोजित 55वीं प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी, प्रतिभागी विजेताओं को राज्यपाल ने किया सम्मानित

लखनऊ, उजाला सिटी। प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजभवन में आयोजित तीन दिवसीय 55वीं प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी-2024 में आज प्रदर्शनी के विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया।
       प्रदर्शन के विजयी प्रतियोगियों को पुरस्कृत करते हुए समारोह में राज्यपाल ने व्यक्तिगत वर्ग के प्रथम पुरस्कार प्राप्त विजेता विश्व नारायण श्रीवास्तव, लखनऊ को 121 अंक हासिल करने पर रू0 51,000.00 तथा चल वैजयंती, ओमप्रकाश लोधी 99 अंकों को द्वितीय पुरस्कार रू. 31,000.00 तथा चल वैजयंती, लॉ मार्टिनियर कालेज लखनऊ 92 अंको को तृतीय पुरस्कार रू. 11,000.00 तथा चल वैजयंती, सर्वोत्तम प्रदर्श विजेता लॉ मार्टिनियर कॉलेज, लखनऊ को रू0 11.000.00 तथा चल वैजयंती प्रदान की। प्रदर्शनी में सरकारी क्षेत्र में सर्वाधिक अंक विजेता-197 के साथ चल वैजयंती एवं रू. 11,000/- का पुरस्कार अधीक्षक राजभवन उद्यान, लखनऊ को प्रदान किया गया। इसके साथ-साथ उन्होंने समस्त वर्गों के समस्त प्रथम विजेताओं तथा महिलाओं एवं बच्चों तथा शाकभाजी के प्रतियोगियों के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया।
         प्रदर्शनी में क्षेत्रफल के आधार पर उद्यानों को, जेल में शाकभाजी उत्पादों, गमलों में सदाबहार पत्तीवाले पौधों तथा अन्य पौधों, गुलाब के फूलों के प्रदर्शन, पान की खेती वाले कृषकों के लिए पान के पत्तों के प्रदर्शन तथा मौन पालकों द्वारा शहद के प्रदर्शों पर भी प्रतियोगिता के विजेताओं को राज्यपाल जी द्वारा चल वैजयंती प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह में राज्यपाल ने कुल 21 चल वैजयंती 03 विशिष्ट पुरस्कार, कलात्मक पुष्प सज्जा महिला वर्ग को 07 पुरस्कार, कलात्मक पुष्प सज्जा 04 से 09 आयु वर्ग को 17 पुरस्कार, कलात्मक पुष्प सज्जा 10 से 16 आयु वर्ग को 12 पुरस्कार वितरित किए। इस प्रदर्शनी में राजभवन, मुख्यमंत्री आवास, उच्च न्यायालय लखनऊ, पी0ए0सी0, कारागार, सेना, सीमैप, रेलवे, आई0आर0आई0टी0एम0, उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद, नगर निगम, लखनऊ विकास प्राधिकरण, मण्डी परिषद, टाटा मोटर्स, बी0बी0डी0 आदि संस्थाओं के द्वारा मुख्य रूप से प्रतिभाग किया गया। इसके अतिरिक्त महिलाओं, बच्चों एवं मालियों के लिए विभिन्न वर्गों में प्रतिभागिता आयोजित की गई। प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी में वर्टिकल गार्डन, वास्तविक फूलों से बनी श्री राम मन्दिर प्राण प्रतिष्ठा की सम्पूर्ण झलक तथा अन्य विभिन्न आकृतियां इस प्रदर्शनी के मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहीं। पॉलीहाउस में उत्पादित शाकभाजी एवं पुष्प प्रतियोगिता, यूरोपियन सब्जियों के साथ-साथ विशिष्ट फलों, मशरूम, शहद एवं पान के पत्तों की प्रतियोगिता को भी शामिल किया गया। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रदर्शनी में उच्च-कोटि के फल, शाकभाजी एवं रंग-बिरंगे पुष्पों के साथ ही साथ इनसे निर्मित प्रसंस्कृत पदार्थों से सम्बन्धित प्रदर्श, प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए प्रतियोगियों द्वारा प्रदर्शित किए गए।
    इस अवसर पर प्रदर्शनी के समापन व पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने प्रतियोगिता में उत्साह पूर्वक प्रतिभाग करने वाले बच्चे, किसानों व अन्य प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदर्शनी दौरान कृषक व अन्य प्रतिभागी काफी उत्साहित थे और इस प्रकार की प्रदर्शनी को देखकर अन्य लोग प्रेरणा पाते हैं व गांव में इस प्रकार के अभिनव प्रयोग कर आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं।
         राज्यपाल ने कहा कि ऑर्गेनिक उत्पाद की तरफ जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऑर्गेनिक उत्पाद के विक्रय की उचित व्यवस्था, उत्पादों के विक्रय हेतु स्थल मिलना चाहिए, जहां स्वयं सहायता समूह की महिलाएं आसानी से अपने उत्पादों का विक्रय कर सके। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा उत्पादों को बेचने हेतु रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डा पर व्यवस्था की गई है। इसी प्रकार उत्पादों के बाजार को विकसित करने की जरूरत है इससे उत्पादन में बढ़ोतरी होगी।
         राज्यपाल ने कृषि क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की आवश्यकता पिछड़े जनपदों में बताई। उन्होंने आज माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा उत्तर प्रदेश में 10 लाख करोड़ के निवेश के शुभारंभ की चर्चा करते हुए कहा कि इसका फायदा विद्यार्थियों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा से जुड़े लोगों का दायित्व है कि बच्चों को अच्छी तरह से सिखाया जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालय, कॉलेज तथा सीनियर सेकेंडरी स्तर पर इन्हें ध्यान रखकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को आगे बढ़ाने हेतु सबको साथ मिलकर कार्य करना होगा। राज्यपाल जी ने कहा कि स्वास्थ्य, राजस्व, सिंचाई, कृषि सबको आपस में जोड़ना होगा तभी निवेश का फायदा होगा।
      राज्यपाल ने पीएम उषा योजना के तहत उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालय को दिए जाने वाले ग्रांट पर भी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस ग्रांट का उपयोग विद्यार्थियों के हित में होना चाहिए। उन्होंने राजभवन को सभी के लिए खुला होने की भी बात की।
इस अवसर पर उद्यान राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि प्रत्येक वर्ष  राजभवन में आयोजित पुष्प प्रदर्शनी में  विभिन्न प्रतिभागी हिस्सा लेकर यहां के संदेश को दूर-दूर तक पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि औद्योगिक फसलों का उत्पादन, मूल्य संवर्धन व वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। घरेलू बाजार तक सीमित औद्योगिक उत्पाद आज वैश्विक बाजारों तक पहुंच चुका है।  उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा औद्योगिक फसलों के उत्पादन से राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है तथा अन्य किसानों को कृषि व्यवसाय हेतु प्रेरित कर रहे हैं।
इस अवसर पर मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कहा कि तेजी से अर्थव्यवस्था के विकास में कृषकों  का योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विविध प्रकार के तकनीकों के इस्तेमाल द्वारा कृषि से किसानों की आय का साधन बढ़ता है।
          कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि उत्पादन आयुक्त मनोज कुमार सिंह ने उत्तर प्रदेश को देश और दुनिया का कृषि के क्षेत्र में पावर हाउस बताया तथा कहा कि आय वृद्धि हेतु फल और सब्जियों की खेती में वृद्धि आवश्यक है।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राज्यपाल डॉ0 सुधीर महादेव बोबडे, मंडलायुक्त लखनऊ डॉ0 रोशन जैकब व अन्य अधिकारीगण,  प्रतिभागी आदि उपस्थित रह

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *