ऋषि साहित्य जीवन जीने की कला सिखाता है- उमानंद शर्मा

गायत्री ज्ञान मंदिर का ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत में 402वाँ युगऋषि ऋषि वाङ्मय की स्थापना

लखनऊ, उजाला सिटी।गायत्री ज्ञान मंदिर इंदिरा नगर, लखनऊ के विचार क्रान्ति ज्ञान यज्ञ अभियान के अन्तर्गत ‘‘श्री शिव चन्द्र पब्लिक इंटर कालेज, पंचवटी कालोनी खुर्रम नगर रोड़ लखनऊ’’ के पुस्तकालय में गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित सम्पूर्ण 79 खण्डों का 402वाँ ऋषि वांड़मय की स्थापना कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। उपरोक्त साहित्य गायत्री परिवार की सक्रीय कार्यकर्त्री रेनू श्रीवास्तव ने अपने पूज्य पिता स्व. बी.डी. श्रीवास्तव एवं पूज्य माता स्व0 उर्मिला श्रीवास्तव जी की स्मृति में भेंट किया तथा उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं एवं शिक्षक/शिक्षिकाओं को भी उन्होंने अखण्ड ज्योति पत्रिका भेंट की।
इस अवसर पर वाङ्मय स्थापना अभियान के मुख्य संयोजक उमानंद शर्मा ने कहा कि ‘‘ऋषि साहित्य जीवन जीने की कलॉ सिखाता है’’ एवं वी.के. श्रीवास्तव, डॉ. अभिषेख शुक्ला, ने भी अपने विचार रखे। संस्थान की प्रधानाचार्य कुसुम शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन व्यक्त किया।इस अवसर पर उमानंद शर्मा, ऊषा सिंह, सावित्री शर्मा, रेनू श्रीवास्तव संस्थान के चेयरमैन डॉ. अभिषेक शुक्ला, निदेशक मंजू शुक्ला, व्यवस्थापक विभा सिंह, प्रधानाचार्या कुसुम शर्मा, नीलिमा श्रीवास्तव सहित शिक्षक-शिक्षिकायें एवं छात्र/छात्रायें उपस्थित थे।

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