16वें स्थापना दिवस पर नैतिक पार्टी ने श्रीराम के आदर्शों के साथ संवैधानिक नैतिकता का पालन को लिया संकल्प

लखनऊ, उजाला सिटी। नैतिक पार्टी संवैधानिक नैतिकता में विश्वास करती है। नैतिक पार्टी मानती है- श्रीराम भी, संविधान भी, श्री राम के आदर्शों के पालन के साथ -साथ संवैधानिक नैतिकता का पालन करना हर व्यक्ति का कर्तव्य है। राजधानी के विश्वश्रैया सभागार में आयोजित 16वें स्थापना दिवस समारोह में नैतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रभूषण पाण्डेय ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि नैतिकता पर विश्वास करने और ‘गाँव सरकार’ के माध्यम से ग्राम पंचायतों को स्वशासी संस्था का अधिकार दिलाने के लिए संघर्षरत है। अध्यक्ष जे.पी दूबे, कांग्रेस उपाध्यक्ष दिनेश सिंह, नैतिक पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और जनता उपस्थित रहे, इस दौरान नैतिक पार्टी के संघर्षों, गाँव सरकार, संवैधानिक अधिकार अभियान और भविष्य की रणनीति के बारे में चर्चा की गई। इस दौरान कार्यक्रम में उपस्थित कांग्रेस पार्टी के कांग्रेस उपाध्यक्ष नें कहा की नैतिक पार्टी के साथ हमारा एक साथी पार्टी का रिश्ता है वह बहुत ही स्वस्थ ढंग से भविष्य की दिशा में मजबूती से बढ़ रहा है। आगे उन्होंने कहा कि जिस प्रकार गाँव में निवास करने वाले 100 करोड़ लोग हाशिये पर हैं और उनको पूर्ण स्वराज दिलाने के लिए जिस प्रकार चन्द्र भूषण पांडेय गाँव सरकार संवैधानिक अधिकार का अभियान लेकर चल रहे हैं वह महात्मा गाँधी और राजीव गाँधी की याद दिलाता है। गाँव सरकार, संवैधानिक अधिकार की बात अगर हर गाँव तक पहुँच जाये तो विज्ञापनों और झूठे दिखावों से निर्मित किले में सुराख़ हो जायेगा जो आज कुछ लोगों को अभेद दिखता है और कांग्रेस पार्टी नैतिक पार्टी के साथ है। बता दें संवैधानिक नैतिकता के सिद्धांतों को आत्मसात कर ग्राम पंचायतों को संविधान द्वारा दिए संपूर्ण अधिकार दिलाकर ‘गांव सरकार’ स्थापित करने के उद्देश्य से नैतिक पार्टी द्वारा पूरे प्रदेश में गाँव सरकार, संवैधानिक अधिकार का अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य ग्राम पंचायतों को राज्य सरकार, अफसरों और नेताओं की गुलामी से मुक्ति दिलाकर पूर्ण स्वराज का अधिकार प्रदान करना है। इस अभियान के बारे में जानकारी देते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रभूषण पांडेय ने बताया कि यह अभियान 100 करोड़ ग्राम वासियों का मुक्ति आंदोलन है, जब तक ग्राम पंचायतों को संविधान द्वारा प्रदत्त 29 विभागों की योजनाओं को स्वयं चलाने का अधिकार नहीं मिल जाता और गांव सरकार स्थापित नहीं हो जाता तब तक यह अभियान चलता रहेगा और उत्तर प्रदेश के सभी गांवों में नैतिक पार्टी जाकर गांव की स्थिति का अवलोकन करने के साथ ग्रामवासियों को संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करेगी। संविधान ने सबको सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार दिया है लेकिन गांव वालों का जीवन मात्र जीने जैसा रह गया है। सीबी पांडेय ने गांवों की वर्तमान हालत पर बात करते हुए कहा कि इतने दिनों तक नैतिक पार्टी समझती रही कि गांवों की व्यवस्था में कमी के कारण जनता परेशान रहती है। इसलिए नैतिक पार्टी द्वारा प्रायः व्यवस्था के विरोध में आवाज उठाया जाता रहा, लेकिन 16 सालों में यह समझ आ गया कि जनता की परेशानी का कारण व्यवस्था नहीं, बल्कि वे व्यक्ति हैं जो व्यवस्था पर कुंडली मार कर बैठ जाते हैं और व्यवस्था को अपने फायदे के लिए तोड़ मरोड़कर मनमाने ढंग से चलाते हैं। इसलिए अब जरूरी है कि हम व्यक्ति के बारे में चर्चा करें और उसके विरुद्ध आवाज उठाएं।

सीबी पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में आगे कहा कि 100 करोड़ लोग जो गांवों में रहते हैं उस गांवों की क्या हालत है, यह जानने के लिए मैं काशी, मथुरा, अयोध्या, लखनऊ, अमेठी के सांसद क्रमशः नरेंद्र मोदी, हेमा मालिनी, लल्लू सिंह, राजनाथ सिंह व स्मृति ईरानी द्वारा सांसद आदर्श ग्राम योजना में गोद लिए गांवों में गया व उनका अवलोकन किया। जो देखा वो सब चौंकाने वाला था। भारत के गांव दुखद त्रासदी से गुजर रहे हैं। शौचालयों की हालत यह है कि पानी की व्यवस्था नहीं है जिसके कारण अधिकांश शौचालय बन्द हैं, शौचालयों के दरवाजे टूटे हुए हैं। गांवों के अधिकांश नल खराब हैं, पानी है तो निकासी नहीं, जिसके कारण जगह-जगह पानी का जमावड़ा और मच्छर की भरमार है। गांव में गन्दगी का आलम यह है कि कई जगह खड़ा होना भी मुश्किल है। अब भी तमाम लोग झोपड़ियों में रहते हैं क्योंकि उनको सरकारी आवास नहीं मिला है। गांव में रोजगार नहीं के बराबर है। पूछने पर गांव वाले यही कहते हैं कि वह किसी तरह जिंदगी काट रहे हैं।

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