पुस्तक मेले का तीसरा दिन साहित्यिक आयोजनों व पुस्तक चर्चा का रहा

लखनऊ, उजाला सिटी। रवीन्द्रालय चारबाग लान के वाटरप्रूफ पाण्डाल में चल रहा लखनऊ पुस्तक मेला का तीसरा दिन भी पुस्तक प्रेमियों और आयोजनों से भरा रहा। पाण्डाल में आज भी साहित्य व पुस्तक प्रेमियों की मौजूदगी में चर्चाओं और काव्यरस की धूम रही।
यूं तो मेले में हर तरह की किताबें हैं। यहां आने वालों में युवाओं की तादाद ज्यादा है। बहुजन साहित्य के स्टाल पर बौद्ध साहित्य और दलित साहित्य के बीच मंडल कमीशन रिपोर्ट, पिछड़े वर्गों का आरक्षण इस युग की चुनौती, मा.कांशीराम के कुछ अंतिम संपादकीय, दलित महिलाएं, पासी समाज दर्पण के संग लेखक डा.राजेन्द्र प्रसाद सिंह की सम्राट अशोक का सही इतिहास, जीतेन्द्र वर्मा की जातिगत जनगणना का सच जैसी किताबें लोग टटोल रहे हैं। संयोजक मनोज चंदेल ने बताया कि साहित्य कला संस्कृति को समर्पित मेले में सात से 10 मार्च तक वाश शैली के विख्यात चित्रकार सुखबीर सिंहल स्मृति कला प्रदर्शनी के साथ ही डा.स्तुति सिंघल की वाश चित्रों की कार्यशाला भी दोपहर में संचालित होगी। इसमें कोई भी नियमित रहकर प्रतिभाग कर सकता है। निःशुल्क प्रवेश वाले मेले में हर किताब पर कम से कम 10 प्रतिशत की छूट मिल रही है।
मेला मंच पर आज ज्योति किरण सिन्हा के संयोजन संचालन में हेल्पिंग हार्ट्स फाउंडेशन की ओर से आयोजित काव्य तरंग संध्या में अंजना मिश्रा की अध्यक्षता में चंद्रशेखर वर्मा, संध्या सिंह, बलवंत सिंह, अमित हर्ष, कल्पना अग्रवाल, निवेदिताश्री और अलका प्रमोद ने रचनाएं पढ़ीं।
शारदेय प्रकाशन से प्रकाशित निवेदिताश्री के शारदेय प्रकाशन से प्रकाशित लघु कथा संग्रह चार्वी का विमोचन शारदा लाल की अध्यक्षता में मुख्य अतिथि पवन जैन, सुषमा गुप्ता, इला सिंह और ज्योत्स्ना सिंह ने अलका प्रमोद के संचालन में हुआ। साथ ही काव्या सतत् प्रवाह की स्मिता मिश्रा की अध्यक्षता में हुये काव्य समारोह में संजना मिश्रा, इला शर्मा, गायत्री जोशी, रजनी गुप्ता, अलका प्रमोद, ज्योत्स्ना सिंह, आर्यावर्ती सरोज, सुरभि सिंह, सौरभ अवस्थी, राजीव वत्सल, मधु दीक्षित, रमा शंकर वर्मा, डॉ बलवंत सिंह, हिमांशु शुक्ला आदि ने रचना पाठ किया। शाम को अनिल बांके के संयोजन में भुशुण्डि साहित्य संस्थान की विविधता भरी काव्यगोष्ठी का लोगों ने आनन्द लिया। यह मेला फोर्स वन बुक्स के साथ विश्वम फाउण्डेशन, ओरिजिन्स, ट्रेड मित्र और ज्वाइन हैण्ड्स फाउण्डेशन आदि के सहयोग से हो रहा है।

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