मड़ावरा उपचार के दौरान प्रसूता की मौत, परिजनों नेे लगाया अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

मड़ावरा उपचार के दौरान प्रसूता की मौत, परिजनों नेे लगाया अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

ललितपुर। प्रसूता महिलाओं के सुरक्षित प्रसव कराये जाने के सरकारी दावों की पोल उस समय खुल गयी जब मड़ावरा के सरकारी अस्पताल में प्रसव के लिये लायी गयी महिला की कर्मचारियों की लापरवाही के चलते मौत हो गयी। थाना मड़ावरा अंतर्गत ग्राम देवरानकला निवासी मनोज कुमार पुत्र आशाराम निरंजन ने उपजिलाधिकारी मड़ावरा को भेजे एक शिकायती पत्र में बताया कि उसके छोटे भाई की गर्भवती पत्नी नीतू पत्नी सुरेंद्र को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों द्वारा मड़ावरा के सरकारी अस्पताल लाया गया। जहां मेटरनिटी विंग में मौजूद स्टाफ़नर्स द्वारा शाम तक प्रसव होने का बताया गया। साथ ही नीतू की चचेरे सास सियारानी जो प्रसव कक्ष में साथ मौजूद थी, का आरोप है कि शाम लगभग 05 बजे अस्पताल में स्टाफ़नर्स और उसकी पुत्री द्वारा नीतू के पेट पर बलात दबाव डालकर प्रसव करा दिया गया। जबरन प्रसव कराते ही नीतू को अत्याधिक रक्तस्राव होने लगा जो लगातार बढ़ता ही गया। परिजनों का आरोप है कि नीतू की बिगड़ती हालात के बावजूद अस्पताल में तैनात मेलस्टाफ़ नर्स द्वारा परिजनों से सच्चाई छिपाये रखी और चिकित्सकीय परामर्श भी नहीं लिया। स्टाफ़नर्स द्वारा लगातार मनमाफिक उपचार किया जाता रहा फिर भी रक्तस्राव नहीं रुक सका। आरोप है कि मेटरनिटी विंग में तैनात मेलस्टाफ नर्स द्वारा कूटरचित रेफेर लेटर पर चिकित्सक के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर रात में मरणासन्न नीतू को ललितपुर भेज दिया। ललितपुर पहुंचकर जिला अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा परीक्षण उपरान्त नीतू को मृत घोषित कर दिया। मृतका के परिजनों द्वारा शनिवार को जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र भेजकर स्वास्थ्यकर्मियों की लापरवाही से हुई मृत्यु के मामले की जांच कर आवश्यक कार्यवाही किये जाने की मांग की है।

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